घर आई है हमारे लाखों खुशियां,
जो आई है छोटी सी गुड़िया!
गाल है उसके फूले फुले,
भरे हो उनमें जैसे रसगुल्ले,
नटखट सी है प्यारी सी आंखें,
बोलना आता नहीं पर करती है बातें,
नन्हे नन्हे से है उसके हाथ,
हर पल शरारत करने को है साथ,
छोटे छोटे है उसके कदम,
उठ खड़े होने के लिए तैयार हर दम,
कभी है रोती, कभी है हस्ती, करती है वो खूब मस्ती,
हर एक हरकत उसकी, क्या है किसी हीरे से सस्ती?
नन्ही सी है वो परी,
ज़िन्दगी जिसने हमारी है सवारी,
सबकी है लाडली, प्यारी सी चुलबुली सी वो पुड़िया,
आई है जो घर पे हमारे ये गुड़िया!
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