Coffee ke ek cup ne, Khayal jaga diye, Khat ek jo likhne baithe, Jazbaat jaga diye, Coffee aur khat ka hi jaddoo tha, Us mahol ne dilon mei toofan jaga diye!
एक राह है जिंदगी, बढ़ते जा रहा हूं में, हर साल एक मकाम है, चलते जा रहा हूं में, कुछ हमसफर जुड़े हैं, परिवार और दोस्त कहते हैं उन्हे, इनकी ही दुआओं का असर है, मुस्किल रास्तों पर उड़ते जा रहा हु में सफर लंबा है, है बहुत कुछ हासिल करना, साथ है अपनो का इसलिए तो मेरी राह का रुख बदलते चला हु में